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बिलासपुर । जांजगीर-चांपा जिले की जनपद पंचायत बलौदा में संचार क्रांति योजना में अनियमितता बरतने को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। इस मामले में शासन ने जवाब के लिए फिर से चार सप्ताह का समय मांग लिया। इसके चलते सुनवाई टल गई है।
जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्रामीण परमानंद राठौर ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें बताया गया है कि ग्राम पंचायत नवागांव को स्काई योजना के लिए चयनित किया गया था। इसके तहत गांव में 12 लाख स्र्पये की लागत से टावर लगाया गया। इसके साथ ही योजना के तहत 480 लोगों को मोबाइल वितरण किया जाना था। लाखों स्र्पये खर्च कर मोबाइल टावर लगा दिया गया।
लेकिन बाद में ग्रामीणों के लिए आए मोबाइल को जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अपने आफिस वापस मंगा लिया। इसके बाद मोबाइल कहां गया ग्रामीणों को पता ही नहीं चला। सरपंच सहित स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत जिला पंचायत व कलेक्टर से भी की। लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। न ही ग्रामीणों को मोबाइल वितरित किया गया। हालाकि बाद में बताया गया कि क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या है। इसलिए मोबाइल को वापस मंगा लिया गया है। याचिका में अनियमितता का आरोप लगाया गया है।
साथ ही इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस मामले में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि शासन ने मोबाइल वितरण करने के पहले ही सर्वे कराया था। इसी आधार पर गांव में टावर भी लगाया गया है। प्रकरण में कोर्ट ने राज्य शासन, कलेक्टर सहित सभी पक्षकारों को जवाब मांगा था। लेकिन इस मामले में शासन ने अब तक जवाब नहीं दिया है।

