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भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश की डेढ़ लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को न्यूनतम वेतन मिलेगा। मतलब हर माह 15 से 18 हजार रुपये तक वेतन दिया जाएगा। वर्ष 2018 से काटे जा रहे 1500 रुपये का भुगतान शुरू किया जाएगा। तब से लेकर अब तक की राशि का भुगतान एरियर के साथ किया जाएगा। यह भरोसा नगरीय आवास एवं विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं को दिया है, जिसके बाद इन्होंने डेढ़ माह से चल रही हड़ताल खत्म कर दी है। ये काम पर लौट गई हैं। इसकी पुष्टि बुलंद आवाज नारी शक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संगठन की अध्यक्ष रामेश्वरी मेश्राम ने की है। ये कार्यकर्ता व सहायिका 10 मार्च से विरोध दर्ज करवा रही थी। जिसकी वजह से कामकाज प्रभावित था। प्रदेश के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुल रहे थे, बच्चे प्रभावित थे।
इन मांगों को पूरा करने का भी दिया भरोसा

– आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन करने के लिए किराये के भवनों का किराया तय समय पर चुकाया जाएगा।
– शासकीय भवनों में खुलने वाले केंद्रों के मासिक खर्च का भुगतान कराया जाएगा।
– शासकीय कामकाज के चलते आने-जाने के खर्च का भुगतान होगा।
– पोषण सप्ताह मनाने के लिए अतिरिक्त खर्च का वहन शासन की तरफ से किए जाने की व्यवस्था बनाई जाएगी।
अधिकारियों के इन फरमान से अधिक नाराज थी कार्यकर्ता
– रामेश्वरी मेश्राम का कहना है कि अधिकारी बार-बार ड्रेस कोड बदलवा देते हैं। जिसके कारण बार-बार साड़ियां खरीदनी पड़ती है। अतिरिक्त खर्च आता है। जिसका भुगतान भी नहीं मिलता है। यह बात मंत्री भूपेंद्र सिंह के सामने लाई थी, जिस पर उन्होंने अधिकारियों से बातचीत करने का भरोसा दिया है।
– कार्यकर्ताओं का कहना है कि पोषण सप्ताह मनाने का दबाव डाला जाता है, लेकिन उसके लिए जरूरी खर्च का भुगतान नहीं किया जाता। अधिकारी कहते हैं कि आर्थिक रूप से सम्पन्न लोगों से मदद मांगकर उक्त सप्ताह का आयोजन करें। यह बात लिखित में नहीं कहते, बल्कि मौखिक दिशा निर्देश देते हैं। कोई भी सम्पन्न संस्था व व्यक्ति बार-बार सहयोग नहीं करना चाहते, परेशानी होती थी। हमेशा मांगने का व्यवहार भी ठीक प्रतीत नहीं होता है।

