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कई दिनों के संघर्ष के बाद आखिरकार रुस ने यूक्रेन के मारियूपोल शहर पर कब्जा जमा लिया है। वैसे यूक्रेनी सेना के आखिरी स्ट्रॉन्गहोल्ड ऐजोव्स्टल स्टील प्लांट में अभी भी यूक्रेनी सैनिक मौजूद हैं, जिन्होंने हथियार डालने से इंकार कर दिया है। राष्ट्रपति पुतिन ने मारियूपोल को ‘सफलतापूर्वक स्वतंत्र’ करवा लेने पर अपनी सेना की पीठ थपथपाई है। साथ ही पुतिन ने अपनी सेना से कहा है कि फिलहाल स्टील प्लांट पर हमला ना करें, बल्कि इस तरह घेराव करें कि कोई भी बचकर निकल ना सके। अजोव सागर ( Azov Sea) में स्थित मारियुपोल पर पूर्ण नियंत्रण रूस के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत होगी। इससे पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थिक अलगाववादियों के कब्जे वाले हिस्से को यूक्रेन से पहले तोड़े गए क्रीमिया से जोड़ने का रास्ता मिल जाएगा।
इससे पहले रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु (Sergei Shoigu) ने पुतिन को टीवी पर की गई एक मीटिंग में बताया था कि रूस ने यूक्रेन के बंदरगाह शहर मारियूपोल को अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि यूक्रेन के बचे हुए राष्ट्रवादी गुटों ने अजोवस्टल प्लांट के इंडस्ट्रियल ज़ोन में शरण ले ली है। शोइगु ने कहा कि करीब 2000 यूक्रेनी सैनिक प्लांट के भीतर हैं और इसकी अंडरग्राउंड सेवाओं का प्रयोग कर रहे हैं। पुतिन ने कहा कि मारियुपोल की “आजादी” रूस सेना के लिए “सफलता” है लेकिन उन्होंने शोइगु को आदेश दिया कि वो इंडस्ट्रियल इलाके पर पूर्वनियोजित धावे को रहने दें, उन्होंने इसे अव्यहारिक बताया। लेकिन ये भी कहा कि उस इंडस्ट्रियल एरिया को ब्लॉक कर दें ताकि एक भी मक्खी बच कर ना जा सके।
आपको बता दें, कि मारियूपोल एक अहम शहर है और रूस के इस कब्जे का सांकेतिक रुप से बड़ा महत्व है।इससे पहले फरवरी में ही रूस ने डोनेट्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र घोषित कर दिया था। अब रुस की नजर यूक्रेन के कोयला और स्टील का उत्पादन करने वाले डोनबास पर है। रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किया था और लगभग दो महीने गुजरने के बाद भी ना तो यूक्रेन ने हथियार डाले हैं और ना ही रुस ने हमले कम किये हैं।

